लखनऊ,5 अप्रैल (युआईटीवी)- आईपीएल 2025 में लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शुक्रवार को लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। जब मुंबई इंडियंस (एमआई) लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ 204 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही थी। मैच के आखिरी क्षणों में,एक चौंकाने वाले निर्णय के तहत मुंबई इंडियंस ने तिलक वर्मा को ‘रिटायर आउट’ कर दिया। उस समय मुंबई को 7 गेंदों में 24 रन चाहिए थे। यह निर्णय तब लिया गया,जब तिलक वर्मा लंबे समय तक क्रीज पर मौजूद रहते हुए भी बाउंड्री नहीं लगा पा रहे थे और टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी। उनकी जगह पर मिशेल सेंटनर को भेजा गया,ताकि वे रन गति को बढ़ा सकें और टीम को लक्ष्य तक पहुँचाने में मदद करें।
तिलक वर्मा उस समय 23 गेंदों में 25 रन बनाकर खेल रहे थे,लेकिन वे लगातार रन बनाने में संघर्ष कर रहे थे। उनका बल्लेबाजी का क्रम 9वें ओवर में शुरू हुआ था, जब टीम का स्कोर 86 रन पर 3 विकेट था। तिलक ने सूर्यकुमार यादव के साथ अच्छी साझेदारी की,लेकिन सूर्यकुमार के आउट होने के बाद तिलक लय पकड़ नहीं सके और रन गति धीमी हो गई। इस समय तक,मुंबई को तेजी से रन बनाने की आवश्यकता महसूस हो रही थी और इसी कारण से उन्हें तिलक के स्थान पर एक आक्रामक बल्लेबाज की आवश्यकता पड़ी।
मैच के बाद मुंबई इंडियंस के कोच जयवर्धने ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, “तिलक ने उस समय अच्छा खेल दिखाया,जब हमने कुछ महत्वपूर्ण विकेट गंवाए थे और सूर्य के साथ उनकी साझेदारी भी अहम थी,लेकिन आखिरी ओवरों में वह रन नहीं बना पा रहे थे। मैं चाहता था कि क्रीज पर कुछ समय बिताने के बाद वह बड़े शॉट्स लगाएँ,लेकिन वह जूझ रहे थे,इसलिए सोचा किसी नए बल्लेबाज को आजमाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले का उद्देश्य टीम के हित में था, हालाँकि,इसे कुछ लोगों ने एक जोखिमपूर्ण निर्णय मानकर आलोचना की।
इस फैसले को लेकर कई लोग हैरान थे और इसे एक जुआ करार दिया,लेकिन जयवर्धने ने इसे टीम की स्थिति और परिस्थितियों के अनुसार सही कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय अंततः टीम के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए था। क्रिकेट में ऐसे फैसले कभी-कभी मैच के परिणाम को बदल सकते हैं और टीम ने ऐसा ही सोचकर यह कदम उठाया।
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने भी इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “हम एक टीम की तरह जीतते हैं और एक टीम की तरह हारते हैं। किसी एक खिलाड़ी को दोष देना सही नहीं है। पूरी बल्लेबाजी इकाई को जिम्मेदारी लेनी होगी।” हार्दिक पांड्या ने आगे कहा कि क्रिकेट में ऐसे दिन आते हैं,जब चीजें उनके पक्ष में नहीं जातीं और टीम को इस हार से सीख लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
हालाँकि,यह रणनीति कारगर साबित नहीं हुई और मुंबई इंडियंस 12 रन से मैच हार गई। लखनऊ सुपरजायंट्स ने यह कड़ा मुकाबला जीत लिया। मुंबई इंडियंस की यह इस सीजन की तीसरी हार थी और वह अंक तालिका में 7वें स्थान पर आ गई। वहीं, लखनऊ सुपरजायंट्स की यह चौथे मैच में दूसरी जीत थी और यह टीम मुंबई इंडियंस से एक पायदान ऊपर छठे स्थान पर पहुँच गई।
इस मैच की हार के बाद,मुंबई इंडियंस को अपनी बल्लेबाजी और रणनीति पर पुनः विचार करने की आवश्यकता है। यह हार उनके लिए एक अहम सबक साबित हो सकती है,क्योंकि मैच में कई बार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद वे इसे जीतने में सफल नहीं हो सके। टीम को यह समझने की जरूरत है कि एक टीम के रूप में अच्छे खेल की निरंतरता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
यह घटना इस बात का प्रतीक है कि क्रिकेट में कभी भी परिणाम की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। कभी-कभी बेशक टीम के सर्वोत्तम प्रयास भी पर्याप्त नहीं होते, लेकिन इससे खेल की जटिलताओं और अनिश्चितताओं को समझने में मदद मिलती है। अब मुंबई इंडियंस के लिए आगे बढ़ने का समय है और उन्हें अपनी कमियों पर काम करते हुए अगले मैचों में मजबूत वापसी करने की आवश्यकता है।