अफगानिस्तान (तस्वीर क्रेडिट@Cute_Manisha_16)

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 : अफगानिस्तान ने इंग्लैंड को आठ रन से हराकर किया बड़ा उलटफेर,इंग्लैंड चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर

लाहौर,27 फरवरी (युआईटीवी)- आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में बुधवार को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप बी के रोमांचक मुकाबले में अफगानिस्तान ने इंग्लैंड को आठ रन से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की और पूर्व विश्व चैंपियन को 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर कर दिया। इस जीत ने अफगानिस्तान के क्रिकेट इतिहास में एक नई उपलब्धि जोड़ दी,जिससे टीम को पूरी दुनिया से सराहना मिली।

इस जीत में अफगानिस्तान के गेंदबाज जमतुल्लाह उमरजई का प्रमुख योगदान था, जिन्होंने 58 रन देकर 5 विकेट लिए। उमरजई ने मैच के दौरान इंग्लैंड के बल्लेबाजों को पूरी तरह से परेशान किया और मैच की दिशा पलट दी। उनकी गेंदबाजी ने न केवल इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को तोड़ा,बल्कि अफगानिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी इस शानदार गेंदबाजी ने मोहम्मद नबी, फजल हक फारूकी और शापूर जदरान जैसे बड़े खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

यह मैच दोनों टीमों के लिए उच्च स्कोर वाला और रोमांचक था। अफगानिस्तान ने 7 विकेट के नुकसान पर 325 रन बनाए,जबकि इंग्लैंड की टीम 317 रन ही बना सकी। इस मैच में कुल मिलाकर 642 रन बने, जो टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा कुल था। इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मैच में 707 रन बने थे,जबकि 2017 में भारत और श्रीलंका के बीच हुए मुकाबले में 643 रन बने थे। इस मैच ने दिखाया कि अफगानिस्तान ने केवल एक मजबूत बल्लेबाजी नहीं की,बल्कि गेंदबाजी के मामले में भी अपनी ताकत दिखाई।

अजमतुल्लाह उमरजई ने इस मैच में न केवल शानदार गेंदबाजी,बल्कि बल्लेबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 31 गेंदों पर 41 रन बनाए,जो अफगानिस्तान को एक मजबूत स्कोर तक पहुँचाने में मददगार साबित हुआ। उनका आक्रामक खेल टीम के लिए महत्वपूर्ण था,क्योंकि उन्होंने ऐसे समय में रन बनाए,जब अन्य बल्लेबाज दबाव में थे। इसके बाद,गेंदबाजी में उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया और पाँच विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह से पलट दिया। उनकी इस शानदार भूमिका के कारण उन्हें आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया था और इस मैच में उनका प्रदर्शन उस पुरस्कार की पूरी तरह से पुष्टि करता है।

इस मैच में इब्राहिम जादरान ने भी अफगानिस्तान के लिए एक शानदार पारी खेली। उन्होंने 177 रनों की धमाकेदार पारी खेली,जो न केवल टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक थी,बल्कि अफगानिस्तान को 325 के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। जादरान का यह प्रदर्शन क्रिकेट प्रेमियों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।

326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। फिल साल्ट ने पारी की पहली गेंद पर चौका जड़ा,जिससे इंग्लैंड ने पहले ही ओवर से आक्रामक खेल का इरादा दिखा दिया। हालाँकि,अफगानिस्तान के गेंदबाज अजमतुल्लाह उमरजई ने इंग्लैंड के लिए मुश्किलें खड़ी करना शुरू किया। उन्होंने अपने पहले ही ओवर में फिल साल्ट को आउट किया और इंग्लैंड को पहला झटका 19 रन के स्कोर पर लगा।

इस पहले झटके के बाद इंग्लैंड की पारी में उतार-चढ़ाव जारी रहे। 30 रन पर दूसरा विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की जिम्मेदारी अब बेन डकेट और जो रूट के कंधों पर थी। दोनों ने पारी को संभालने की पूरी कोशिश की और 50 रनों की साझेदारी की। ऐसा लगने लगा था कि इंग्लैंड मैच पर अपनी पकड़ बना रहा है,लेकिन फिर 98 रन के स्कोर पर डकेट को आउट कर दिया गया। इसके बाद इंग्लैंड का विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा।

जो रूट ने एक छोर पर डटे रहकर इंग्लैंड को उम्मीद दी। उन्होंने कुछ शानदार शॉट्स खेले और अफगानिस्तान के गेंदबाजों का सामना किया,लेकिन उनके आसपास के बल्लेबाजों के विकेट गिरते गए। रूट ने अंत तक मैच में संघर्ष किया, लेकिन उनके आउट होने के बाद इंग्लैंड की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। अफगानिस्तान ने शानदार गेंदबाजी और दृढ़ इरादे के साथ इंग्लैंड को 317 रन पर रोक दिया और आठ रन से मैच जीतकर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की।

इस मैच ने अफगानिस्तान के क्रिकेट की प्रतिष्ठा को और भी मजबूत किया। उन्होंने आईसीसी इवेंट्स में हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन किया है और इस बार भी उन्होंने यह साबित किया कि वे किसी भी बड़े टीम को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। अफगानिस्तान की इस जीत ने उनके क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया और यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।