नई दिल्ली,1 अप्रैल (युआईटीवी)- नए वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दिन,मंगलवार को भारतीय सरकार ने कारोबारियों को राहत देते हुए कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर (19 किलोग्राम) के दाम में 41 रुपये की कमी कर दी है। हालाँकि,घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस कटौती के बाद,नई दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 1,762 रुपये हो गई है। अन्य प्रमुख शहरों में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में विभिन्न बदलाव हुए हैं। मुंबई में अब 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1,714.5 रुपये में मिलेगा,जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 1,872 रुपये और चेन्नई में 1,924.50 रुपये है।
इससे पहले 1 मार्च को सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 6 रुपये की बढ़ोतरी की थी,जबकि फरवरी में 7 रुपये की कमी की गई थी। इन कीमतों में बदलाव वैश्विक गैस कीमतों के आधार पर हर महीने की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमत में कमी से विशेष रूप से रेस्तरां,होटल और अन्य व्यावसायिक संस्थाओं को लाभ होगा,जो दैनिक कार्यों के लिए इन सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। इससे उनके संचालन की लागत में भी कमी आएगी,जिससे कारोबारियों को राहत मिलेगी।
इस बीच,प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत गरीब परिवारों द्वारा रिफिल किए गए एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। सरकार के अनुसार,पिछले पाँच वर्षों में यह संख्या दोगुनी हो गई है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार,1 मार्च 2025 तक देश भर में 10.33 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन दिए जा चुके हैं और इस योजना के तहत रिफिल सिलेंडरों की संख्या पाँच साल में दोगुनी हो गई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संसद को सूचित किया कि पीएमयूवाई की शुरुआत के बाद से,तेल विपणन कंपनियों ने फरवरी 2025 तक पीएमयूवाई ग्राहकों को प्रारंभिक इंस्टॉलेशन रिफिल सहित कुल 234.02 करोड़ एलपीजी रिफिल वितरित किए हैं। सरकार ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 (फरवरी 2025 तक) में,तेल कंपनियाँ प्रतिदिन लगभग 12.6 लाख एलपीजी रिफिल वितरित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य देश के गरीब और हाशिए पर रहने वाले परिवारों को स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराना है,ताकि वे पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी और कोयले का उपयोग न करें। इस योजना के तहत सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए हैं,जिससे उन्हें स्वच्छ और सस्ती रसोई गैस का उपयोग करने का अवसर मिला है।
यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है,क्योंकि यह महिलाओं को उनके घरों में ईंधन के सुरक्षित और स्वच्छ विकल्प प्रदान करती है। उज्ज्वला योजना ने देश में एलपीजी का उपयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है और इसके परिणामस्वरूप अब अधिक परिवारों को रसोई में गैस सिलेंडर की सुविधा मिल रही है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हाल की कमी और पीएमयूवाई के तहत एलपीजी कनेक्शन की संख्या में बढ़ोतरी,दोनों ही सरकार की ऊर्जा नीति और सामाजिक कल्याण योजनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार ने एलपीजी कनेक्शनों के वितरण के साथ-साथ गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कई कदम उठाए हैं,ताकि देशभर में हर परिवार को स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन मिल सके।
इन बदलावों से यह प्रतीत होता है कि सरकार ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में किफायती और सुलभ समाधान देने की दिशा में गंभीर प्रयास किए हैं,जो न केवल आम जनता के लिए राहत का कारण बनते हैं,बल्कि व्यापारियों के लिए भी व्यावसायिक गतिविधियों को सुगम बनाते हैं।