तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च (युआईटीवी/आईएएनएस)- कांग्रेस और भाजपा पर हमला जारी रखते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को अपनी सरकार के प्रमुख कार्यक्रम केआईआईएफबी के खिलाफ प्रचार करने के लिए उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। केरल इन्फ्रास्ट्रक्च र इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) एक सरकारी स्वामित्व वाली वित्तीय संस्था है जो रराज्य के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन जुटाने के लिए बनाई गई है। राज्य में कई परियोजनाओं को केआईआईएफबी से फंड किया गया है।
विजयन ने थिरुवल्ला में मीडिया से बातचीत में कहा, “संसद में मंगलवार को, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के तीन सांसदों ने केआईआईएफबी के संबंध में एक प्रश्न पूछा था और केंद्र ने जवाब दिया कि केआईआईएफबी द्वारा जारी ‘मसाला बांड’ को भारतीय रिजर्व बैंक की स्वीकृति और सहमति है। केआईआईएफबी के खिलाफ कांग्रेस और भाजपा द्वारा फैलाया जा रहा झूठ उजागर हो गया है।”
उन्होंने बताया कि केआईआईएफबी ने अब तक विभिन्न क्षेत्रों में 43,000 करोड़ रुपये से अधिक की 850 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
विजयन ने कहा, “अगले पांच वर्षों में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव होने जा रहा है। हम अच्छी गुणवत्ता वाली सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी बेहतर सुधार कर रहे हैं, सिर्फ के-फोन परियोजना का उल्लेख नहीं करेंगे। कांग्रेस और भाजपा इसी का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वो केरल में विकास होते नहीं देखना चाहते हैं। हम सभी ने देखा कि कैसे विभिन्न जांच एजेंसियां केआईआईएफबी को निशाना बना रही हैं।”
उन्होंने कहा, “यहां के लोग अब कांग्रेस और भाजपा के नए ‘केरल मॉडल’ के बारे में जानते हैं और यहां केवल वामपंथी हैं जो धर्मनिरपेक्षता के लिए ²ढ़ता से खड़े हैं। हम कभी भी उन लोगों से हाथ नहीं मिलाएंगे जो सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं।”
केरल में 140 विधायकों के चुनाव के लिए 6 अप्रैल को चुनाव होने हैं और विजयन सरकार सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ निश्चिंत है कि 2 मई को वोटों की गिनती के बाद इतिहास दोहराएगा।