मुंबई, 8 दिसम्बर (युआईटीवी/आईएएनएस)- भारतीय नौसेना को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि नौसेना को अब देश के समुद्री पड़ोसियों द्वारा “हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में एक सुरक्षा भागीदार के रूप में देखा जाता है।” राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार का एक बड़ा हिस्सा आईओआर के माध्यम से एक्सपोर्ट और इंपोर्ट करता है। इसलिए, इस क्षेत्र में शांति बनाए रखना न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “भारत एक समुद्री राष्ट्र है और हमारी नौसेना विदेश नीति को आगे बढ़ाने और हमारे राष्ट्रीय हितों और वाणिज्यिक संचालन की रक्षा करने में एक बड़ी भूमिका निभाती है। नौसेना संकल्प और ²ढ़ता के साथ हमारे व्यापक समुद्री हितों की सफलतापूर्वक रक्षा कर रही है।”
उन्होंने कहा “भारत-प्रशांत क्षेत्र में उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियां भारत को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करती हैं। सभी क्षेत्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और प्रशांत क्षेत्र में भागीदारों के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने में निवेश किया है।”
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंड यहां राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार की उपस्थिति में “22वें मिसाइल वेसल स्क्वाड्रन को राष्ट्रपति मानक” प्रदान करते हुए बोल रहे थे।